Welcome

Run for Sindhu is not just a marathon—it is a movement of the soul, a journey that reconnects us with the sacred river that has nourished our civilization for thousands of years. The Sindhu River is more than water; it is a symbol of strength, unity, and the timeless spirit of Bharat.”

When we run for Sindhu, we are running for our culture, our identity, and our future. This initiative was born from a deep desire to awaken pride in our heritage and to remind every Indian of the unbreakable bond we share with the roots of our civilization.

I urge every citizen, every seeker, every patriot to join us—not just in the marathon, but in the spirit of this cause. Let us stand together for the Sindhu River, for Sindhu Darshan Yatra, and for the dream of Akhand Bharat.”

Mr Sunil Pal
Founder, Run for Sindhu
Executive Member Sindhu Darshan Yatra Samitti

मैं, गुरदीप सिंह गोशा, यात्रा प्रचार प्रमुख पंजाब एवं चंडीगढ़ के नाते Run for Sindhu 3.0 Marathon के आयोजन पर आयोजकों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करता हूँ।

सदियों से भारत की संस्कृति विरासत हमें गौरव करती रही है मुगलों, तुर्कों,अंग्रेजों और बाहरी हमलावरों के हर तरह के आक्रमण के बावजूद हमारी परिपक्व दृढ़ संकल्प गुरु, ऋषि, मुनि और बहादुरों की धरती हमें आत्मविश्वास से भर्ती है इस तरह यह आयोजन मात्र एक खेल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय अस्मिता और सिंधु सभ्यता के प्रति सम्मान का प्रतीक है। सिंधु नदी भारतीय संस्कृति की मूल चेतना रही है, जिसने हजारों वर्षों से भारत की सभ्यता को पोषित किया है।

हर वर्ष पावन सिंधु तट पर आयोजित सिंधु दर्शन यात्रा उत्सव, इस वर्ष अपने 29वें संस्करण में लद्दाख की पवित्र भूमि पर सम्पन्न हो रहा है। यह महोत्सव भारत की एकता, विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि का सजीव उत्सव है।

Run for Sindhu 3.0 Marathon एक ऐसा प्रयास है जो हमारी सांस्कृतिक जड़ों को नई पीढ़ी से जोड़ता है। यह दौड़ केवल कदमों की गति नहीं, बल्कि हमारी पहचान, गौरव और एकता की भावना को पुनः जागृत करने का माध्यम है।

मैं देशवासियों, विशेषकर युवा साथियों से आग्रह करता हूँ कि वे इस अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ें और इसे एक ऐतिहासिक जनआंदोलन का रूप दें।

“दौड़ो सिंधु के लिए –

दौड़ो अपने देश के लिए!

दौड़ो अपने बलिदानों के लिए!

दौड़ो संस्कृति की विरासत के लिए!

गौरव और एकता के लिए!”

– गुरदीप सिंह गोशा
यात्रा प्रचार प्रमुख पंजाब एवं चंडीगढ़
सिंधु दर्शन यात्रा समिति